na-sazaa aalam-e-imkaan men saza lagta hai | ना-सज़ा आलम-ए-इम्काँ में सज़ा लगता है

  - Ejaz Siddiqi
ना-सज़ाआलम-ए-इम्काँमेंसज़ालगताहै
ना-रवाभीकिसीमौक़ेपेरवालगताहै
यूँँतोगुलशनमेंहैंसबमुद्दई-ए-यक-रंगी
बावजूदइसकेहरइकरंगजुदालगताहै
कभीदुश्मनतोकभीदोस्तकभीकुछभीनहीं
मुझेख़ुदभीनहींमालूमवोक्यालगताहै
इसकीबातोंमेंहैंअंदाज़ग़लतसम्तोंके
होहोयेतोकोईराह-नुमालगताहै
हटाइसकोमिरेजिस्मसेजान-ए-हयात
हाथतेरामिरेज़ख़्मोंकोदवालगताहै
दूरसेख़ुदमिरीसूरतमुझेलगतीहैभली
जानेक्यूँँपाससेहरशख़्सबुरालगताहै
रोकताहूँतोयेरुकताहीनहींहै'एजाज़'
मुझेहररोज़-ओ-शब-ए-वक़्तहवालगताहै
  - Ejaz Siddiqi
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