mili hai raahat ha | मिली है राहत हमें सफ़र से

  - Swapnil Tiwari
मिलीहैराहतहमेंसफ़रसे
थकनतोलेकरचलेथेघरसे
अभीपलकपरपलकबैठी
येख़्वाबआनेलगेकिधरसे
फ़लकपेकुछदेरचाँदठहरा
विदाअलेतेहुएसहरस
तवीलनॉवेलमेंज़िंदगीके
तमामक़िस्सेहैंमुख़्तसरसे
वोदेखतेदेखतेहीइकदिन
उतरगयाथामिरीनज़रसे
उसीगलीमेंनहींगएबस
गुज़रगएहमइधरउधरसे
गुज़र-बसरकीहैकोईसूरत?
येसिर्फ़होगीगुज़र-बसरसे
धुएँसे'आतिश'जलेंगीआँखें
जलेनहींहमइसएकडरसे
  - Swapnil Tiwari
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