mire ghar men na hogii raushni kya | मिरे घर में न होगी रौशनी क्या

  - Swapnil Tiwari
मिरेघरमेंहोगीरौशनीक्या
नहींआओगेइसजानिबकभीक्या
चहकतीबोलतीआँखोंमेंचुप्पी
उन्हेंचुभनेलगीमेरीकमीक्या
ख़ुदउसकारंगपीछाकररहेहैं
कहींदेखीहैऐसीसादगीक्या
लिपटतीहैंमिरेपैरोंसेलहरें
मुझेपहचानतीहैयेनदीक्या
मैंइसशबसेतोउकतायाहुआहूँ
सहरदेपाएगीकुछताज़गीक्या
तिरीआहटकीधूपआतीनहींहै
समाअतभीमिरीकुम्हलागईक्या
ख़मोशीबर्फ़सी'आतिश'जमीथी
नज़रकीआँचसेवोगलगईक्या
  - Swapnil Tiwari
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