hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shashank Shekhar Pathak
agar ho gham-zada to bhi kahaan naashaad rahtii hai
agar ho gham-zada to bhi kahaan naashaad rahtii hai | अगर हो ग़म-ज़दा तो भी कहाँ नाशाद रहती है
- Shashank Shekhar Pathak
अगर
हो
ग़म-ज़दा
तो
भी
कहाँ
नाशाद
रहती
है
'अलीगढ़'
की
है
वो
लेकिन
'अमीनाबाद'
रहती
है
मोहब्बत
में
ज़रा
हट
कर
लिया
था
फ़ैसला
उसने
अधूरी
गर
मोहब्ब़त
हो
तभी
आबाद
रहती
है
सितंबर
डेट
थी
सोलह
गई
थी
छोड़कर
जब
वो
यही
तारीख़
है
वो
जो
हमेशा
याद
रहती
है
- Shashank Shekhar Pathak
Download Ghazal Image
हो
न
पाया
ये
फ़ैसला
अब
तक
कीजिए
आप
तो
क्या
कीजे
Jaun Elia
Send
Download Image
86 Likes
वक़्त
पर
फ़ैसला
नहीं
करते,
और
फिर
'काश!..काश!'
करते
हो।
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
40 Likes
मिरे
गुनाह
की
मुझ
को
सज़ा
नहीं
देता
मिरा
ख़ुदा
कहीं
नाराज़
तो
नहीं
मुझ
से
Shahid Zaki
Send
Download Image
31 Likes
आज
पैवंद
की
ज़रूरत
है
ये
सज़ा
है
रफ़ू
न
करने
की
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
27 Likes
तुम्हारे
साथ
चलने
पर
जो
दिल
राज़ी
नहीं
होता
बहुत
पहले
हम
अपना
फ़ैसला
तब्दील
कर
लेते
Saleem Kausar
Send
Download Image
34 Likes
वो
मेरा
जब
न
हो
सका
तो
फिर
यही
सज़ा
रहे
किसी
को
प्यार
जब
करूँँ
वो
छुप
के
देखता
रहे
Mazhar Imam
Send
Download Image
46 Likes
क्या
जाने
किस
ख़ता
की
सज़ा
दी
गई
हमें
रिश्ता
हमारा
दार
पे
लटका
दिया
गया
शादी
में
सब
पसंद
का
लाया
गया
मगर
अपनी
पसंद
का
उसे
दूल्हा
नहीं
मिला
Read Full
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
30 Likes
मैदाँ
में
हार
जीत
का
यूँँ
फ़ैसला
हुआ
दुनिया
थी
उन
के
साथ
हमारा
ख़ुदा
हुआ
Jameel Malik
Send
Download Image
26 Likes
अब
के
हम
तर्क-ए-रसूमात
करके
देखते
हैं
बीच
वालों
के
बिना
बात
करके
देखते
हैं
इस
सेे
पहले
कि
कोई
फ़ैसला
तलवार
करे
आख़िरी
बार
मुलाक़ात
करके
देखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
65 Likes
सज़ा
सच
बोलने
की
यह
मिली
है
सभी
ने
कर
लिया
हम
से
किनारा
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
1 Like
Read More
यही
सोचता
हूँ
मैं
हर
पल
मिरी
जाँ
कि
मुझ
सेे
जुदा
क्यूँँ
है
तक़दीर
तेरी
वो
बिंदी,
वो
काजल,
वो
कानों
में
झुमके
रुलाती
है
अक्सर
वो
तसवीर
तेरी
Read Full
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
2 Likes
क्यूँँ
लगाऊँ
जाँ
की
बाज़ी
दिल
के
कारोबार
में?
बिक
रही
है
जब
मोहब्बत
इश्क़
के
बाज़ार
में
हारनी
थी
जंग
मुझको
जीतना
मुझको
न
था
वर्ना
इतना
दम
नहीं
था
उस
सिपहसालार
में
लाख
चाहूँ
मैं
छुपाना
पर
छुपा
पाता
नहीं
ज़िक्र
उसका
आ
ही
जाता
है
मिरे
अश'आर
में
Read Full
Shashank Shekhar Pathak
Download Image
3 Likes
मिलने
आए
या
न
आए
मेरे
ख़्वाबों
में
तू
तेरे
तसव्वुर
को
मैं
ख़्वाब
बना
लेता
हूँ
तेरे
जाने
का
ग़म
तो
है
मगर
इतना
नहीं
तेरी
तस्वीर
से
अब
काम
चला
लेता
हूँ
Read Full
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
1 Like
जल
चुका
है
जिस्म
मेरा
राख
हूँ
मैं
पर
मुझे
अब
भी
मिली
राहत
नहीं
है
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
2 Likes
अगर
बे-वफ़ा
वो
सितमगर
न
होता
मोहब्बत
का
इल्ज़ाम
मुझ
पर
न
होता
हवा
मेरे
अपनों
ने
दी
थी
नहीं
तो
जलाया
किसी
ने
मिरा
घर
न
होता
नहीं
सीखता
उठ
खड़ा
होना
गिरकर
लगा
पाँव
में
गर
वो
पत्थर
न
होता
तुम्हें
नाज़
है
हुस्न
पर
तो
सुनो
तुम
मुझे
भी
जुदाई
का
अब
डर
न
होता
Read Full
Shashank Shekhar Pathak
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Musafir Shayari
Jahar Shayari
Breakup Motivation Shayari
Mehboob Shayari
Ghar Shayari