hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Meem Alif Shaz
saza sach bolne ki yah mili hai
saza sach bolne ki yah mili hai | सज़ा सच बोलने की यह मिली है
- Meem Alif Shaz
सज़ा
सच
बोलने
की
यह
मिली
है
सभी
ने
कर
लिया
हम
से
किनारा
- Meem Alif Shaz
Download Sher Image
इसी
लिए
हमें
एहसास-ए-जुर्म
है
शायद
अभी
हमारी
मोहब्बत
नई
नई
है
ना
Afzal Khan
Send
Download Image
14 Likes
क्या
जाने
किस
ख़ता
की
सज़ा
दी
गई
हमें
रिश्ता
हमारा
दार
पे
लटका
दिया
गया
शादी
में
सब
पसंद
का
लाया
गया
मगर
अपनी
पसंद
का
उसे
दूल्हा
नहीं
मिला
Read Full
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
30 Likes
हमारे
कुछ
गुनाहों
की
सज़ा
भी
साथ
चलती
है
हम
अब
तन्हा
नहीं
चलते
दवा
भी
साथ
चलती
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
55 Likes
मिन्नतें
करता
था
रुक
जाओ
मेरा
कोई
नहीं
मेरे
रोके
से
मगर
कौन
रुका
कोई
नहीं
बेवफ़ाई
को
बड़ा
जुर्म
बताने
वाले
याद
है
तूने
भी
चल
छोड़
हटा
कोई
नहीं
Read Full
Khan Janbaz
Send
Download Image
44 Likes
यूँँ
तो
वो
शख़्स
बिलकुल
बे-गुनह
है
ज़माने
की
मगर
उस
पे
निगह
है
हमारे
दरमियाँ
जो
दूरियाँ
हैं
यक़ीनन
तीसरी
कोई
वजह
है
Read Full
Dileep Kumar
Send
Download Image
4 Likes
सज़ा
कितनी
बड़ी
है
गाँव
से
बाहर
निकलने
की
मैं
मिट्टी
गूँधता
था
अब
डबलरोटी
बनाता
हूँ
Munawwar Rana
Send
Download Image
19 Likes
किसी
के
साए
को
क़ैद
करने
का
एक
तरीक़ा
बता
रहा
हूँ
एक
उसके
आगे
चराग़
रख
दे,
एक
उसके
पीछे
चराग़
रख
दे
मैं
दिल
की
बातों
में
आ
गया
और
उठा
के
ले
आया
उसकी
पायल
दिमाग़
देता
रहा
सदाएँ,
चराग़
रख
दे,
चराग़
रख
दे
Read Full
Charagh Sharma
Send
Download Image
44 Likes
मुन्सिफ़
हो
अगर
तुम
तो
कब
इंसाफ़
करोगे
मुजरिम
हैं
अगर
हम
तो
सज़ा
क्यूँँ
नहीं
देते
Ahmad Faraz
Send
Download Image
26 Likes
हम
ने
क़ुबूल
कर
लिया
अपना
हर
एक
जुर्म
अब
आप
भी
तो
अपनी
अना
छोड़
दीजिए
Harsh saxena
Send
Download Image
59 Likes
दिल
में
किसी
के
राह
किए
जा
रहा
हूँ
मैं
कितना
हसीं
गुनाह
किए
जा
रहा
हूँ
मैं
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
24 Likes
Read More
वो
झूठ
बोलेगा
मुझे
मालूम
है
उस
को
मगर
शर्मिंदा
करना
है
मुझे
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
छोड़
देंगे
आशियाँ
अपना
किसी
दिन
फिर
ज़माने
वाले
बस
बातें
करेंगे
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
मेरे
दुश्मन
को
वफ़ादार
समझते
हैं
लोग
पर
मुझे
आज
भी
ग़द्दार
समझते
हैं
लोग
ग़मज़दा
होते
हुए
भी
मैं
तो
हँस
देता
हूँ
इसलिए
मुझ
को
अदाकार
समझते
हैं
लोग
इक
परिंदे
को
रिहा
ही
तो
किया
था
मैंने
आज
तक
मुझ
को
गुनहगार
समझते
हैं
लोग
Read Full
Meem Alif Shaz
Download Image
0 Likes
तू
मिरे
हँसते
हुए
चेहरे
पे
मत
जा
एक
ज़ख़्मी
आदमी
है
मेरे
अंदर
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
हवाओं
की
शरारत
ने
सिखाया
है
चराग़ों
को
जलाना
रात
से
पहले
Meem Alif Shaz
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Maikada Shayari
Aaina Shayari
Phool Shayari
Dhoop Shayari
Sharaab Shayari