gair mumkin to nahin saahb-e-irfaan hona | ग़ैर मुमकिन तो नहीं साहब-ए-इरफ़ाँ होना

  - Rafi Badayuni
ग़ैरमुमकिनतोनहींसाहब-ए-इरफ़ाँहोना
शर्तहैसंग-ए-मलामतपेभीख़ंदाँहोना
छोड़करलाला-ओ-गुलख़ार-ब-दामाँहोना
आजकेदौरमेंदुश्वारहैइंसाँहोना
दौर-ए-हाज़िरपेयेइकतंज़नहींफिरक्याहै
कोईइंसाननज़रआएतोहैराँहोना
ऐन-फ़ितरतहैजिन्हेंग़महीमिलेहोंउनको
कोईउम्मीदनज़रआएतोहैराँहोना
अपनेहालातकीज़ंजीरभीदेखोलोगों
सबकीक़िस्मतमेंकहाँनाज़िश-ए-दौराँहोना
दौर-ए-जम्हूरमेंभीजुर्महैहैरतहैयही
एकनादारकेदिलमेंकोईअरमाँहोना
हदसेएहसासकेबढ़नेकाहैअंजाम'रफ़ी'
अपनीहस्तीकेलिएआपहीज़िंदाँहोना
  - Rafi Badayuni
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