kisi khayal men khone ki justuju to karo | किसी ख़याल में खोने की जुस्तुजू तो करो

  - Rafi Badayuni
किसीख़यालमेंखोनेकीजुस्तुजूतोकरो
किसीसेमिलनेकीपहलेकुछआरज़ूतोकरो
हरीफ़किसलिएख़ाइफ़हैंक्यूँवोबद-ज़नहैं
उन्हेंबुलाओकभीउनसेगुफ़्तुगूतोकरो
रहेंगेराहमेंसंग-ए-गिराँदीवारें
अमलकेजज़्बाकोथोड़ासाजंग-जूतोकरो
हयातधूपभीहैबादलोंकासायाभी
वोकोईहालहोजीनेकीआरज़ूतोकरो
ख़िज़ाँकादौरख़िज़ाँ-दीदाक्यूँबनातेहो
तुमऐसेदौरमेंकुछज़िक्र-ए-रंग-ओ-बोतोकरो
तुम्हारीज़ातकेभीतुमसेकुछतक़ाज़ेहैं
हुआहैचाकजोदामनउसेरफ़ूतोकरो
कुछऔरवुसअ'त-ए-क़ल्ब-ओ-नज़रज़रूरीहै
कुछऔरग़मभीअभीदिलकेरू-ब-रूतोकरो
कामआएतोबेहतरहैजज़्बा-ए-नफ़रत
जोकामलेनाहैजज़्बेकोनेक-ख़ूतोकरो
  - Rafi Badayuni
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