सुलूक-ए-दोस्तसेबेज़ारक्याहुआहूँमैं
ख़यालयेहैबुलंदीसेगिरगयाहूँमैं
बदलतेवक़्तनेहरचीज़कोबदलडाला
ख़ुलूसवैसाकहाँहैजोसोचताहूँमैं
मुझेलगाहैकितहलीलहोगयाहैवजूद
कभीजबउनकेख़यालोंमेंखोगयाहूँमैं
मोहब्बतोंकाहसींदौरआनेवालाहै
येरुख़भीउनकीअदावतकादेखताहूँमैं
मिरेशुऊ'रमेंमाहौलकीहैबेचैनी
नवा-ए-वक़्तहूँइकदर्दकीसदाहूँमैं
शिकायतोंमेंगँवानेसेउसकोक्याहासिल
ज़रासावक़्तमिलाहैतोआगयाहूँमैं
रह-ए-हयातकेहरमोड़परयेलगताहै
फ़रेब-कारकीबातोंमेंआगयाहूँमैं
अबअपनीज़ीस्तकीतपतीहुईसीराहोंपर
किसीदरख़्तकेसाएकोढूँढताहूँमैं
मुझेयेतर्ज़-ए-तजाहुलअजीबलगताहै
वोकहरहेहैंकहींआपसेमिलाहूँमैं