nigaah-e-shauq tujhe kaamyaab kis ne kiya | निगाह-ए-शौक़ तुझे कामयाब किस ने किया

  - Rafi Badayuni
निगाह-ए-शौक़तुझेकामयाबकिसनेकिया
दिल-ए-तबाहकोख़ाना-ख़राबकिसनेकिया
किताबग़मकीकईलोगलिखरहेथेमगर
हमारेनामउसेइंतिसाबकिसनेकिया
ख़मोशदर्दकोइज़हारकीज़बाँदेकर
ख़ुदअपनेआपकोयूँँबे-नक़ाबकिसनेकिया
उमीदथीतोमुहाफ़िज़शिकस्ताकश्तीकी
येक्याबताएँइसेज़ेर-ए-आबकिसनेकिया
इजारा-दारी-ए-क़ल्ब-ओ-नज़रकाझगड़ाथा
दिल-ओ-नज़रमेंयेपैदाहिजाबकिसनेकिया
सहाराआपकीजानिबसेकुछकुछतोमिला
मैंइकदु'आथामुझेमुस्तजाबकिसनेकिया
येबहसख़त्महीहोजाएअबतोअच्छाहै
जवाबकिसकोमिलाला-जवाबकिसनेकिया
वोशहरजिससेशिकायतहैअबनयातोनहीं
येकिसकोज़िदथीउसेइंतिख़ाबकिसनेकिया
  - Rafi Badayuni
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy