अभीतकमुसलसलइसीमेंरहाहूँ
येमतसोचतू,इश्क़में,मैंनयाहूँ
तबाहीलिएफिररहासाथअपने
ज़रादूररहमुझसेमैंइकबलाहूँ
मुझेगुलमचानाहैऔरख़ामुशीसे
सोरस्मनमैंहरशे'रमेंचीखताहूँ
मैंपहलेजोभीथावो"मैं"थामगरजान
मैंजोहूँअभीआज"मैं",कौन,क्याहूँ
मुझेनाज़हैइश्क़पेआपकेपर
मैंअंजामइसइश्क़काजानताहूँ
तुझेभूलजानेकेख़ातिरमैंअक़सर
तुझेयादकरतातुझेसोचताहूँ
मैंभीआदमीथाकभीपहलेपरआज
किसीकीमुहब्बतमेंपत्थरहुआहूँ
लगायाहैऐसेडेराग़मनेमुझमें
लगेहैकिमैंग़मकेख़ातिरबनाहूँ
तेरेहिज्रकेजलतेइससहरामेंमैं
शब-ए-हिज्रसेहीकहींलापताहूँ
तुम्हारीनिगाहोंमेंकुछऔरहैये
मुहब्बतकोमैंखूबपहचानताहूँ
कभीआकेसुलझादेमुझकोतू'जाज़िब'
गयाजबसेहैतूमैंउलझापड़ाहूँ