hayaat-e-ishq ki khurshid-samaani nahin jaati | हयात-ए-इश्क़ की ख़ुर्शीद-सामानी नहीं जाती

  - Raees Niyazi
हयात-ए-इश्क़कीख़ुर्शीद-सामानीनहींजाती
मिटाजाताहैदिलज़र्रोंकीताबानीनहींजाती
जोकलतकखेलसमझेथेहमेंबर्बादकरदेना
अबउनमग़रूरनज़रोंकीपशेमानीनहींजाती
हमींपरलुत्फ़कीबारिशहैलेकिनवाए-नादानी
हमींसेवोनिगाह-ए-लुत्फ़पहचानीनहींजाती
वतनक्याजुरअत-ए-अहल-ए-जुनूँसेहोगयाख़ाली
ख़िरदकीक़ुव्वत-ए-तज्दीद-ए-वीरानीनहींजाती
बहारआईखिलेग़ुंचेमगरनाज़िम-ए-गुलशन
हमारेआशियाँकीशो'ला-सामानीनहींजाती
मिरीसहबाकीअज़्मतसिर्फ़अहल-ए-दिलसमझतेहैं
पिएजाताहूँलेकिनपाक-दामानीनहींजाती
येकिसकाफ़िर-अदाकाजल्वा-ए-मासूमदेखाहै
'रईस'अबतकमिरीनज़रोंकीहैरानीनहींजाती
  - Raees Niyazi
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