har aaine ne kaha rukhsat-e-ghubaar ke ba'ad | हर आइने ने कहा रुख़्सत-ए-ग़ुबार के बा'द

  - Raees Niyazi
हरआइनेनेकहारुख़्सत-ए-ग़ुबारकेबा'द
यहाँतोकुछभीनहींहैजमाल-ए-यारकेबा'द
ज़मानाज़ेर-ए-नगींथारज़ा-ए-यारकेबा'द
वोइख़्तियारमिलातर्क-ए-इख़्तियारकेबा'द
येमानताहूँअदबशर्त-ए-इश्क़हैलेकिन
येहोशकिसकोरहेगानिगाह-ए-यारकेबा'द
परोंसेमुँहकोछुपाकरक़फ़समेंबैठा
चमनकाहालदेखागयाबहारकेबा'द
तिरेजमालकोसमझेतिलिस्मग़ुंचा-ओ-गुल
फ़रेबखाएबहुतहमनेए'तिबारकेबा'द
वोजामजामनहींहासिल-ए-दो-आलमहै
जोदस्त-ए-शौक़मेंआयाहैइंतिज़ारकेबा'द
ग़म-ए-फ़िराक़कीमंज़िल'रईस'ख़त्महुई
अबआगेजल्वेहीजल्वेहैंहिज्र-ए-यारकेबा'द
  - Raees Niyazi
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