dil-o-nigaah pe jis ko ho ikhtiyaar chale | दिल-ओ-निगाह पे जिस को हो इख़्तियार चले

  - Raees Niyazi
दिल-ओ-निगाहपेजिसकोहोइख़्तियारचले
रह-ए-वफ़ामेंकोईभीख़ाम-कारचले
हमेंरविशपेज़मानेकीए'तिबारनहीं
हमारेसाथज़मानाहज़ारबारचले
हमअपनेवक़्तकेआक़ाहमअपनेदौरकेशाह
मगरख़ुदाकरेअपनीपेश-ए-यारचले
येरहरवान-ए-मोहब्बतहीख़ूबजानतेहैं
किफ़र्श-ए-गुलपेचलेयाब-नोक-ए-ख़ारचले
राहबरपेनज़रऔरमंज़िलोंकीख़बर
तिरेक़दम-ब-क़दमतेरेजाँ-निसारचले
हमारेबअ'दकेलोगोंपेजानेक्यागुज़रे
'रईस'हमतोबड़ेचैनसेगुज़ारचले
  - Raees Niyazi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy