jab hai m | जब है मिटना ही तो अंदाज़ हकीमाना सही

  - Raees Niyazi
जबहैमिटनाहीतोअंदाज़हकीमानासही
ख़ल्वत-ए-ग़मकेएवज़गोशा-ए-मय-ख़ानासही
रौनक-ए-बादा-कशीजुरअत-ए-रिंदानासही
ख़ारहोनाहैतोमय-ख़ाना-ब-मय-ख़ानासही
इश्क़इकक़तरेमेंदरियाकोसमोदेताहै
अक़्लकोदीवानासमझतीहैतोदीवानासही
मेरेदिलमेंभीतजल्लीकेख़ज़ीनेहैंनिहाँ
माह-ओ-ख़ुरशीदमेंअक्स-ए-रुख़-ए-जानानासही
फ़ुर्सत-ए-शौक़ग़नीमतहैउठाभीसाग़र
ज़िंदगीएकछलकताहुआपैमानासही
क्याख़बरथीकिमय-ए-नाबमेंइतनाहैसुरूर
अबजोपीलीहैतोइकऔरभीपैमानासही
मेरीवारफ़्ता-निगाहीकीभीकुछक़ीमतहै
बज़्मकीबज़्मरुख़-ए-यारकापरवानासही
फिक्र-ओ-एहसासमेंपोशीदाहैंअसरार-ए-हयात
बाल-ओ-परक़ुव्वत-ए-पर्वाज़सेबेगानासही
यहीक्याकमहैकिबरबाद-ए-मोहब्बतहै'रईस'
तेरेअल्ताफ़-ओ-इनायातसेबेगानासही
  - Raees Niyazi
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