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Aatish Indori
aaj bhi vo vo hi hai aur ada bhi vo hi hai
aaj bhi vo vo hi hai aur ada bhi vo hi hai | आज भी वो वो ही है और अदा भी वो ही है
- Aatish Indori
आज
भी
वो
वो
ही
है
और
अदा
भी
वो
ही
है
बे-वफ़ा
भी
वो
ही
है
और
ख़फ़ा
भी
वो
ही
है
- Aatish Indori
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उदास
रहने
से
ग़ज़लों
में
जान
आती
है
सो
पूरा
ध्यान
लगाकर
उदास
रहने
लगे
Nadim Nadeem
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उठाओ
कैमरा
तस्वीर
खींच
लो
इन
की
उदास
लोग
कहाँ
रोज़
मुस्कराते
हैं
Malikzada Javed
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तो
देख
लेना
हमारे
बच्चों
के
बाल
जल्दी
सफ़ेद
होंगे
हमारी
छोड़ी
हुई
उदासी
से
सात
नस्लें
उदास
होंगी
Danish Naqvi
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इतना
तो
बता
जाओ
ख़फ़ा
होने
से
पहले
वो
क्या
करें
जो
तुम
से
ख़फ़ा
हो
नहीं
सकते
Asad Bhopali
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यूँँ
लगे
दोस्त
तिरा
मुझ
से
ख़फ़ा
हो
जाना
जिस
तरह
फूल
से
ख़ुशबू
का
जुदा
हो
जाना
Qateel Shifai
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जैसे
देखा
हो
आख़िरी
सपना
रात
इतनी
उदास
थीं
आँखें
Siraj Faisal Khan
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दुनिया
की
फ़िक्र
छोड़,
न
यूँँ
अब
उदास
बैठ
ये
वक़्त
रब
की
देन
है,
अम्मी
के
पास
बैठ
Salman Zafar
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हम
तो
कुछ
देर
हँस
भी
लेते
हैं
दिल
हमेशा
उदास
रहता
है
Bashir Badr
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दो
दफ़ा
ग़ुस्सा
हुए
वो
एक
ग़लती
पर
मेरी
रात
की
रोटी
सवेरे
काम
में
लाई
गई
Tanoj Dadhich
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न
कोई
गिला
है,
न
तुम
से
ख़फ़ा
है
ग़मे-दिल
की
अब
के
न
कोई
दवा
है
Sukeshini Budhawne
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एक
मुद्दत
था
वफ़ादार
बहुत
अच्छा
है
दूसरों
से
तो
तेरा
यार
बहुत
अच्छा
है
शोर
यह
कर
रहे
हैं
अब
कि
कहाँ
फँस
गए
हो
पहले
कहते
थे
कि
घरबार
बहुत
अच्छा
है
पास
लाने
के
लिए
हाथ
ज़रा
खींचा
तो
फूल
गुच्छे
से
पलटवार
बहुत
अच्छा
है
बात
ऐसी
है
कि
हम
ठहरे
दिहाड़ी
वाले
दूसरों
के
लिए
इतवार
बहुत
अच्छा
है
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Aatish Indori
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गले
लग
झप्पी
ले,
तू
यार
तरीक़े
से
मिल
एक
मुद्दत
में
मिला
है
तू,
सलीक़े
से
मिल
Aatish Indori
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ठहर
आँखों
में
जाना
चाहता
हूँ
नज़र
हर
पल
मैं
आना
चाहता
हूँ
तवाइफ़
से
चुरा
लाया
हूँ
घुँघरू
अमीरी
को
नचाना
चाहता
हूँ
बुरा
इस
वजह
से
लगता
नहीं
है
मैं
रिश्ते
को
निभाना
चाहता
हूँ
मुझे
गहराई
उसकी
देखनी
है
मैं
उसको
वरग़लाना
चाहता
हूँ
कहीं
पर
भी
मुझे
दफ़ना
न
देना
मैं
लफ़्ज़ों
में
समाना
चाहता
हूँ
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Aatish Indori
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आपसे
जाम
छलक
जाता
है
अभी
कच्चे
हो
झलक
जाता
है
Aatish Indori
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मौज
जाएगी
हया-दार
नज़र
आने
से
मैं
तो
बोतल
से
पि
यूँँगा
न
कि
पैमाने
से
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Aatish Indori
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