सबकोवहशतहैमिरीवहशतकेसामाँदेखकर
चाक-दामाँदेखकरचाक-ए-गरेबाँदेखकर
बे-ख़बरकाँटोंसेथाअहल-ए-मोहब्बतकाशुऊ'र
पाँवरखनेथेज़मीन-ए-कू-ए-जानाँदेखकर
अल्लाहअल्लाहजज़्बा-ए-उल्फ़तकीमोजिज़-कारियाँ
वोपरेशाँहोगएमुझकोपरेशाँदेखकर
यादआयाफिरमुझेअफ़साना-ए-तूर-ओ-कलीम
इकतजल्लीसीतिरेआरिज़पेरक़्साँदेखकर
चारा-गरअबमुझसेमेरीलज़्ज़त-ए-ईज़ानपूछ
ख़ंदा-ज़नहोतेहैंज़ख़्म-ए-दिलनमकदाँदेखकर
हैमोहब्बतकाअगरदोनोंतरफ़यकसाँअसर
वोपरेशाँक्यूँँनहींमुझकोपरेशाँदेखकर
इसमेंमुज़्मरहैंबहुतनग़्मेंहयात-ए-इश्क़के
छेड़मिज़राब-ए-जुनूँसाज़-ए-रग-ए-जाँदेखकर
इसजुनूँकाचारा-गरअबऔरहीकुछकरइलाज
औरवहशतबढ़चलीहैकुंज-ए-ज़िंदाँदेखकर
वानहींहोतालब-ए-शिकवासर-ए-महशर'रईस'
अपनेसरपरख़ंजर-ए-क़ातिलकाएहसाँदेखकर