mizaaj-e-naghma-o-she'r-o-sharaab paida kar | मिज़ाज-ए-नग़्मा-ओ-शे'र-ओ-शराब पैदा कर

  - Raees Niyazi
मिज़ाज-ए-नग़्मा-ओ-शे'र-ओ-शराबपैदाकर
हयात-ए-इश्क़मेंकुछआब-ओ-ताबपैदाकर
नज़रकोख़ीरगी-ए-शौक़बे-पनाहमिले
हरएकज़र्रेसेवोआफ़्ताबपैदाकर
शिकस्त-ए-ख़्वाबकेबा-वस्फ़बंदहैंआँखें
फिरएकबारतमाशा-ए-ख़्वाबपैदाकर
येबे-नियाज़ी-ए-तज़ईन-ए-आइनाकबतक
कभीकभीतोख़ुदअपनाजवाबपैदाकर
हरएकज़र्राहैमामूरा-ए-जमाल-ए-हबीब
दिल-ए-हज़ींनिगह-ए-कामयाबपैदाकर
दिल-ओ-निगाहकोधोकेभीरासआएहैं
वुफ़ूर-ए-तिश्ना-लबीमेंसराबपैदाकर
करशिकायत-ए-दौराँबनहरीफ़-ए-ज़माँ
मुसीबतोंकाकोईसद्द-ए-बाबपैदाकर
पहुँचबुलंद-ए-मक़ामात-ए-शे'र-ओ-नग़्मातक
अदबमेंएकदिल-आवेज़बाबपैदाकर
ग़रज़तोयेहैतिरामरकज़-ए-निगाहरहूँ
सुकून-ए-दिलसहीइज़्तिराबपैदाकर
'रईस'तुझकोतोमरनेकीभीनहींफ़ुर्सत
कहाथाकिसनेकिऐसेअज़ाबपैदाकर
  - Raees Niyazi
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