hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Siddharth Saaz
baarish ho jaane ke baad bhi miTTi geeli rahtii hai
baarish ho jaane ke baad bhi miTTi geeli rahtii hai | बारिश हो जाने के बाद भी मिट्टी गीली रहती है
- Siddharth Saaz
बारिश
हो
जाने
के
बाद
भी
मिट्टी
गीली
रहती
है
मैं
तेरे
जाने
के
बाद
भी
तुझ
सेे
बातें
करता
हूँ
- Siddharth Saaz
Download Sher Image
ज़ब्त
करो
गर
ग़म
के
बादल
छाए
हैं,
रक़्स
करो
के
बारिश
आने
वाली
है
Darpan
Send
Download Image
32 Likes
रात
हो,
चाँद
हो,
बारिश
भी
हो
और
तुम
भी
हो
ऐसा
मुमकिन
ही
नहीं
है
कि
कभी
हो
मिरे
साथ
Faiz Ahmad
Send
Download Image
7 Likes
वो
अजब
शख़्स
था
हर
हाल
में
ख़ुश
रहता
था
उस
ने
ता-उम्र
किया
हँस
के
सफ़र
बारिश
में
Sahiba sheharyaar
Send
Download Image
34 Likes
दिन
में
मिल
लेते
कहीं
रात
ज़रूरी
थी
क्या?
बेनतीजा
ये
मुलाक़ात
ज़रूरी
थी
क्या
मुझ
सेे
कहते
तो
मैं
आँखों
में
बुला
लेता
तुम्हें
भीगने
के
लिए
बरसात
ज़रूरी
थी
क्या
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
82 Likes
मैं
कि
काग़ज़
की
एक
कश्ती
हूँ
पहली
बारिश
ही
आख़िरी
है
मुझे
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
94 Likes
कच्चा
सा
घर
और
उस
पर
जोरों
की
बरसात
है
ये
तो
कोई
खानदानी
दुश्मनी
की
बात
है
Saahir
Send
Download Image
14 Likes
उस
लड़की
से
बस
अब
इतना
रिश्ता
है
मिल
जाए
तो
बात
वगैरा
करती
है
बारिश
मेरे
रब
की
ऐसी
नेमत
है
रोने
में
आसानी
पैदा
करती
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
281 Likes
धूप
में
कौन
किसे
याद
किया
करता
है
पर
तिरे
शहर
में
बरसात
तो
होती
होगी
Ameer Imam
Send
Download Image
52 Likes
वो
ग़ुस्से
में
सीधी
बात
नहीं
करता
तूफ़ानों
में
बारिश
तिरछी
होती
है
Ankit Maurya
Send
Download Image
33 Likes
धूप
तो
धूप
ही
है
इसकी
शिकायत
कैसी
अब
की
बरसात
में
कुछ
पेड़
लगाना
साहब
Nida Fazli
Send
Download Image
49 Likes
Read More
तमाम
दुनिया
में
तीरगी
है
मगर
इक
अंदर
की
रौशनी
है
कभी
तो
लगता
है
ख़त्म
कर
दूँ
प
जब
तू
हँस
के
पुकारती
है
तेरा
मोहब्बत
से
हार
जाना
मेरी
मोहब्बत
की
हार
भी
है
तिरे
बिना
ज़िंदगी
ये
हमको
कि
जैसे
खाने
को
दौड़ती
है
तेरे
दीवाने
का
हारना
भी
तेरे
दीवाने
की
जीत
ही
है
मैं
तेरा
होकर
भी
तन्हा
तन्हा
भटक
रहा
हूँ
ये
बेघरी
है
तू
जिसपे
चढ़
के
उतर
गई
थी
वो
दिल
की
कश्ती
वहीं
खड़ी
है
Read Full
Siddharth Saaz
Download Image
2 Likes
हर
तरफ़
उग
आए
हैं
जंगल
हमारी
हार
के
जीत
का
कोई
भी
रस्ता
अब
नहीं
दिखता
हमें
Siddharth Saaz
Send
Download Image
17 Likes
वो
इतना
शांत
दरिया
था
मगर
जब
गया
तो
ले
गया
सब
कुछ
बहा
के
Siddharth Saaz
Send
Download Image
25 Likes
सभी
कुछ
छूट
जाएगा
यहीं
पर
मियाँ
होतीं
नहीं
जेबें
कफ़न
में
Siddharth Saaz
Send
Download Image
31 Likes
कभी
तो
कोसते
होंगे
सफ़र
को
कभी
जब
याद
करते
होंगे
घर
को
निकल
पड़ती
हैं
औलादें
कमाने
परिंदे
खोल
ही
लेते
हैं
पर
को
Read Full
Siddharth Saaz
Send
Download Image
56 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
One sided love Shayari
Shama Shayari
Fasad Shayari
Dhokha Shayari
Dil Shayari