aakhirsh dard ya davaa tha main | आख़िरश दर्द या दवा था मैं

  - Qamar Saqi
आख़िरशदर्दयादवाथामैं
ज़िंदगीतूबताकिक्याथामैं
मैंकभीइकजगहरुकाहीनहीं
ऐसालगताहैकिहवाथामैं
हाँमुझेख़ुदकोज़ेरकरनापड़ा
अपनेरास्तेमेंरहाथामैं
'क़मर'अबमुझेभीयादनहीं
आख़िरीबारकबहँसाथामैं
  - Qamar Saqi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy