kis ki KHvaahish men jal raha hai badan | किस की ख़्वाहिश में जल रहा है बदन

  - Qamar Saqi
किसकीख़्वाहिशमेंजलरहाहैबदन
मोमजैसापिघलरहाहैबदन
धीरेधीरेबदलरहेहैंख़याल
रफ़्तारफ़्ताबदलरहाहैबदन
दुखकेकाँटोंपेसोरहाहूँमैं
ग़मकेशो'लोंपेजलरहाहैबदन
हुस्न-ए-पुर-नूरसेलिपटनेको
पागलोंसामचलरहाहैबदन
सजपेखिलरहेहैंवस्लकेफूल
रातपेइत्रमलरहाहैबदन
सुब्हहोनेकोहै'क़मर'साहब
इकबदनसेनिकलरहाहैबदन
  - Qamar Saqi
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