hattee zulf un ke chehre se magar aahista aahista | हटी ज़ुल्फ़ उन के चेहरे से मगर आहिस्ता आहिस्ता

  - Qamar Jalalvi
हटीज़ुल्फ़उनकेचेहरेसेमगरआहिस्ताआहिस्ता
अयाँसूरजहुआवक़्त-ए-सहरआहिस्ताआहिस्ता
चटककरदीसदाग़ुंचेनेशाख़-ए-गुलकीजुम्बिशपर
येगुलशनहैज़राबाद-ए-सहरआहिस्ताआहिस्ता
क़फ़समेंदेखकरबाज़ूअसीरआपसमेंकहतेहैं
बहार-ए-गुलतकजाएँगेपरआहिस्ताआहिस्ता
कोईछुपजाएगाबीमार-ए-शाम-ए-हिज्रकामरना
पहुँचजाएगीउनतकभीख़बरआहिस्ताआहिस्ता
ग़म-ए-तब्दीली-ए-गुलशनकहाँतकफिरयेगुलशनहै
क़फ़सभीहोतोबनजाताहैघरआहिस्ताआहिस्ता
हमारेबाग़बाँनेकहदियागुलचींकेशिकवेपर
नएअश्जारभीदेंगेसमरआहिस्ताआहिस्ता
इलाहीकौनसावक़्तगयाबीमार-ए-फ़ुर्क़तपर
किउठकरचलदिएसबचारा-गरआहिस्ताआहिस्ता
जानेक्यूँँआयावर्नाअबतककबकाजाता
अगरचलतावहाँसेनामा-बरआहिस्ताआहिस्ता
ख़फ़ाभीहैंइरादाभीहैशायदबातकरनेका
वोचलनिकलेहैंमुझकोदेखकरआहिस्ताआहिस्ता
जवानीगईदिलछेदनेकीबढ़गईंमश्क़ें
चलानागयातीर-ए-नज़रआहिस्ताआहिस्ता
जिसेअबदेखकरइकजानपड़तीहैमोहब्बतमें
यहीबनजाएगीक़ातिलनज़रआहिस्ताआहिस्ता
अभीतकयादहैकलकीशब-ए-ग़मऔरतन्हाई
फिरइसपरचाँदकाढलना'क़मर'आहिस्ताआहिस्ता
  - Qamar Jalalvi
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