husn kab ishq ka mamnoon-e-wafa hota hai | हुस्न कब इश्क़ का ममनून-ए-वफ़ा होता है

  - Qamar Jalalvi
हुस्नकबइश्क़काममनून-ए-वफ़ाहोताहै
लाखपरवानामरेशम्अपेक्याहोताहै
शग़्ल-ए-सय्यादयहीसुब्हमसाहोताहै
क़ैदहोताहैकोईकोईरिहाहोताहै
जबपताचलताहैख़ुशबूकीवफ़ादारीका
फूलजिसवक़्तगुलिस्ताँसेजुदाहोताहै
ज़ब्तकरताहूँतोघुटताहैक़फ़समेंमिरादम
आहकरताहूँतोसय्यादख़फ़ाहोताहै
ख़ूनहोताहैसहरतकमिरेअरमानोंका
शाम-ए-वादाजोवोपाबंद-ए-हिनाहोताहै
चाँदनीदेखकेयादआतेहैंक्याक्यावोमुझे
चाँदजबशबको'क़मर'जल्वा-नुमाहोताहै
  - Qamar Jalalvi
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