ishq ko zahar kyuuñ pilaave hai | इश्क़ को ज़हर क्यूँ पिलावे है इश्क़ तो रास्ता दिखावे है

  - Parvez akhtar
इश्क़कोज़हरक्यूँपिलावेहैइश्क़तोरास्तादिखावेहै
पाँवनंगेहैंसरभीनंगाहै
सूरजऊपरसेखिलखिलावेहै
ख़ूबरस्तेबदलकेदेखलिए
वोहरइकरास्तेमेंआवेहै
चलरहाहैअज़िय्यतोंकासफ़र
साँसजावेहैसाँसआवेहै
लोगहलकानहोरहेहैंअबस
ज़िंदगीकिसकेहाथआवेहै
वक़्तइकदाएरेमेंघू
मेंहै
येख़िज़ाँसेबहारलावेहै
क्यातअम्मुलहैतेरेआनेमें
अश्कबे-इख़्तियारआवेहै
रोज़होवेहैकुछकुछऐसा
जोमुझेरातभरजगावेहै
जीतेजीकेहैंसबझमेलेयार
फ़र्दआवेहैफ़र्दजावेहै
एकलाशाउधरहैडोलीमें
एकलाशाइधरसेजावेहै
मेराहम-ज़ादहीमुक़ाबिलहै
कौनदेखोकिसेहरावेहै
वक़्तहाथोंसेजाचुका'परवेज़'
अबकलेजाहीमुँहकोआवेहै
  - Parvez akhtar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy