कुछलोगख़यालोंसेचलेजाएँतोसोएँ
बीतेहुएदिनरातनयादआएँतोसोएँ
चेहरेजोकभीहमकोदिखाईनहींदेंगे
आआकेतसव्वुरमेंनतड़पाएँतोसोएँ
बरसातकीरुतकेवोतरब-रेज़मनाज़िर
सीनेमेंनइकआगसीभड़काएँतोसोएँ
सुब्होंकेमुक़द्दरकोजगातेहुएमुखड़े
आँचलजोनिगाहोंमेंनलहराएँतोसोएँ
महसूसयेहोताहैअभीजागरहेहैं
लाहौरकेसबयारभीसोजाएँतोसोएँ