tanj karta hai aaina mujh par | तंज़ करता है आइना मुझ पर

  - Parvez akhtar
तंज़करताहैआइनामुझपर
वक़्तकैसायेपड़ामुझपर
एकहल्कीसीज़र्बमारीथी
शहरसाराहीपड़ामुझपर
ऐसालगनेलगाहैअबमुझको
हरमुसीबतकीइंतिहामुझपर
जानदेकरहीहोसकाहैअदा
कईसदियोंकाक़र्ज़थामुझपर
सूरा-ए-नासपढ़तारहताहूँ
कोईजादूचलसकामुझपर
ढूँडनेएकभीनहींनिकला
सभीपढ़तेहैंफ़ातिहामुझपर
उम्रगुज़रीवफ़ा-शिआ'रीमें
क़त्लहोनाभीफ़र्ज़थामुझपर
लोगकरतेगएकरमपेकरम
क़र्ज़बढ़ताचलागयामुझपर
चलतारहताहूँबिनथके'परवेज़'
खुलताजाताहैरास्तामुझपर
  - Parvez akhtar
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