soz-e-dil soz-e-jigar soz-e-alam paaya hai | सोज़-ए-दिल सोज़-ए-जिगर सोज़-ए-अलम पाया है

  - Paikar Jafari
सोज़-ए-दिलसोज़-ए-जिगरसोज़-ए-अलमपायाहै
जोभीपायाहैतिरेइश्क़मेंकमपायाहै
सरझुकाजाताहैहरगामपेसज्देकेलिए
हरजगहजैसेतिरानक़्श-ए-क़दमपायाहै
जितनाजीचाहेमिरेहालपेदुनियाहँसले
मैंनेहिस्सेमेंफ़क़तरंज-ओ-अलमपायाहै
फूलहँसतेहैंतोरोतीहैचमनमेंशबनम
इकनेपाईहैख़ुशीएकनेग़मपायाहै
खुलगयाराज़तिरेदर्द-ए-निहाँका'पैकर'
आजआँखोंमेंतिरीअश्क-ए-अलमपायाहै
  - Paikar Jafari
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