yuñ to mahroom koi bazm men may-khwaar nahin | यूँँ तो महरूम कोई बज़्म में मय-ख़्वार नहीं

  - Paikar Jafari
यूँँतोमहरूमकोईबज़्ममेंमय-ख़्वारनहीं
हाँमगरमेरीतरफ़चश्म-ए-फुसूँ-कारनहीं
नासेहामैंभीतिरीतरहबकताक्याक्या
वोतोकहिएकिमैंदीवानाहूँहुशियारनहीं
हुस्न-ए-रंगींकेतसव्वुरनेजलादींशमएँ
हरतरफ़नूरबरसतारहेशब-तारनहीं
मरनेवालेकीमोहब्बतकेथेमुनकिरकलतक
आजइक़रारहीइक़रारहैइंकारनहीं
लीजिएलीजिएवोडूबगईनब्ज़-ए-मरीज़
आईयेआईयेअबआपकाबीमारनहीं
उसनेठुकरादियासद-हैफ़येकहकर'पैकर'
एकटूटेहुएदिलकामैंख़रीदारनहीं
  - Paikar Jafari
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