tiri nazar men jo ye aab-o-taab baaki hai | तिरी नज़र में जो ये आब-ओ-ताब बाक़ी है

  - Paikar Jafari
तिरीनज़रमेंजोयेआब-ओ-ताबबाक़ीहै
ज़रूरकोईतोख़ाना-ख़राबबाक़ीहै
अभीअज़ानकेहोनेमेंदेरहैलोगों
अभीतोजाममेंथोड़ीशराबबाक़ीहै
येज़िंदगीकानविश्ताअजलकेहाथआया
गुनाहख़त्महुएअबअज़ाबबाक़ीहै
लहूमेंकोईहरारतनहींरहीउनके
ज़बाँपेना'रा-ए-सद-इंक़लाबबाक़ीहै
अभीसेआपनेक्यूँउँगलियाँजलाडालीं
अभीतोख़ून-ए-जिगरकाहिसाबबाक़ीहै
येमक़बराहैबसअल्फ़ाज़औरमआ'नीका
किताब-ख़्वाँतोनहींहैकिताबबाक़ीहै
अभीतोचाँदभीबाक़ीहैउसकीदुनियाभी
येकौनकहताहैबसआफ़्ताबबाक़ीहै
नज़रहरएककीबे-पर्दाहोगईजैसे
दिलोंमेंआजभीलेकिनहिजाबबाक़ीहै
तिश्नगीकामुदावाउसेसमझ'पैकर'
तिरीनज़रमेंजोदश्त-ए-सराबबाक़ीहै
  - Paikar Jafari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy