tum yaad na jaane kyuuñ aa.e kyuuñ guzra zamaana yaad aaya | तुम याद न जाने क्यूँ आए क्यूँ गुज़रा ज़माना याद आया

  - Paikar Jafari
तुमयादजानेक्यूँआएक्यूँगुज़राज़मानायादआया
हमजिसकोहक़ीक़तसमझेथेवोआजफ़सानायादआया
क्यूँरिश्ता-ए-उल्फ़तटूटगयाक्यूँहाथसेदामनछूटगया
किसतरहभुलाईयादतिरीवोआजभुलानायादआया
वोपिछलीमोहब्बतयादआईवोतेरीशरारतयादआई
वोखेंचकेचादरहाथोंसेसोनेसेजगानायादआया
वोनींदतिरीजगतेजगतेवोजागतिरीसोतेसोते
वोहुस्न-ओ-नज़ाकतयादआईवोतेराजगानायादआया
शर्मिंदा-ए-गुलरुख़्सारतिरेरेशमसीमुलाएमवोज़ुल्फ़ें
आँखोंकेछलकतेसाग़रसेवोमयकापिलानायादआया
बाहोंकोकभीडालाहँसकरखींचातोकभीआँचलहटकर
वोकेख़ुशीसेकुछकहनावोरूठकेजानायादआया
येयादरहेबाक़ी'पैकर'येभूलरहेबाक़ी'पैकर'
वोभूलकीजिसकीयादआईवोयादभुलानायादआया
  - Paikar Jafari
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy