to ab haalat men apni yuñ bhi tabdeeli nahin hoti | तो अब हालत में अपनी यूँँ भी तब्दीली नहीं होती

  - Obaidur Rahman
तोअबहालतमेंअपनीयूँँभीतब्दीलीनहींहोती
येमिट्टीख़ूनभीपीकरकभीगीलीनहींहोती
हुआजाताहैक़ुदरतकेउसूलोंमेंदख़ीलइंसाँ
हवाअबतोदिसम्बरमेंभीबर्फ़ीलीनहींहोती
चलोआँखोंसेअबकेबातकरकेदेखतेहैंहम
ज़बाँसेबाततोहोतीहैतफ़सीलीनहींहोती
वोजोमहसूसकरतीहैबयाँकरतीहैअबखुलकर
ग़ज़लपहलेज़मानेजैसीशर्मीलीनहींहोती
हमेंहैशौक़ऐसाठोकरोंकोआज़मानेका
किउसरहपरनहींचलतेजोपथरीलीनहींहोती
सँभलकर'उबैद'-ए-ख़ुश-गुमाँरहनाठहरकरयाँ
बिलामक़्सदमियाँरस्सीकभीढीलीनहींहोती
  - Obaidur Rahman
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