shaam hui ghar lauti yaaden soorj-roop taraashoon kaise | शाम हुई घर लौटी यादें सूरज-रूप तराशूँ कैसे

  - Nadeem Asghar
शामहुईघरलौटीयादेंसूरज-रूपतराशूँकैसे
एकउजालालाखअंधेरेइसकोसबमेंबाँटूँकैसे
ठिठुरीचाहतलावाजज़्बेहिज्र-मशक़्क़तबससेबाहर
दिल-चर्ख़ेपरसूततुम्हारीयादोंकामैंकातूंकैसे
बंजररातेंबाँझसवेरेबोझलरस्तेउलझीमंज़िल
दिनजीवनकेअबतेरेबिनकाटूँतोफिरकाटूँकैसे
उजड़ेमौसमपिघलेमंज़रटूटेख़्वाबआशुफ़्तालहजे
थोड़ीसाँसेंबोझमैंइतनाइनकाँधोंपरलादूँकैसे
सुर्ख़उजालेसूखेपानीउगतीधूपऔरमरतीछाँव
तपतेसहराचुभतेपत्थरइनरस्तोंपरभागूँकैसे
मैंतोरूखी-सूखीतुझकोजानसेप्यारेदेसकताहूँ
शालपेतेरीचाँदसितारेमैंबेचाराटाँकूंकैसे
  - Nadeem Asghar
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