हमनछोड़ेंगेमोहब्बततिरीऐज़ुल्फ़-ए-सियाह
सरचढ़ायाहैतूक्यादिलसेगिराएँतुझको
छोड़करहमकोमिलाशम्अ-रुख़ोंसेजाकर
इसीक़ाबिलहैतूऐदिलकिजलाएँतुझको
दर्द-ए-दिलकहतेहुएबज़्ममेंआताहैहिजाब
तख़लियाहोतोकुछअहवालसुनाएँतुझको
अपनेमाशूक़कीसुनताहैबुराईकोई
क्यूँँनहमबिगड़ेंजोअग़्यारबनाएँतुझको
रूठताहूँजोकभीमैंतोयेकहताहैवोशोख़
क्याग़रज़हमकोपड़ीहैजोमनाएँतुझको
तूनेअग़्यारसेआईनामँगाकरदेखा
दिलमेंआताहैकिअबमुँहनदिखाएँतुझको