yaadon ki dhool se mira maazi atta hua | यादों की धूल से मिरा माज़ी अटा हुआ

  - Nadeem Asghar
यादोंकीधूलसेमिरामाज़ीअटाहुआ
भूलूँतोकिसतरहतिराचेहरारटाहुआ
तुझसेफ़क़तदु'आहैकिफिरसेबहालकर
आँखोंसेहैजोख़्वाबकारिश्ताकटाहुआ
बुतपूजताहूँका'बा-ए-दिलमेंहैंबुत-कदे
रहताहूँअपनीज़ातकेअंदरबटाहुआ
आओबढ़ाकेहाथसमेटेंकिसीतरह
बंजरज़मींकेवास्तेबादलछटाहुआ
साँसेंभीमिलकेमौतसेसाज़िशकरें'नदीम'
दुखहैकिमेरेहक़मेंमुसलसलडटाहुआ
  - Nadeem Asghar
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