zara si chaah zara si kisi KHushi ke li.e | ज़रा सी चाह ज़रा सी किसी ख़ुशी के लिए

  - Meena Bhatt
ज़रासीचाहज़रासीकिसीख़ुशीकेलिए
हज़ारोंबारमरेलोगज़िन्दगीकेलिए
करेंगेक़त्लवोहररोज़सनसनीकेलिए
ज़मीरबेचकेआएहैंपैरवीकेलिए
पिसेहैंखूबरिवाज़ोंकीहमतोचक्कीमें
मरीज़-ए-इश्क़रहेबसतोबेख़ुदीकेलिए
कमीज़रूरहीलहजेमेंकुछरहीआख़िर
तरसरहेहैंजोतहज़ीबलखनवीकेलिए
शुमारकैसेनहींहोतेआशिक़ोंमेंहम
जलायाक़ल्ब-ओ-जिगरखूबआशिक़ीकेलिए
जलेचराग़थेरौनक़केवास्तेलेकिन
जलेहैंदेखपतंगेभीदिलकशीकेलिए
किसीकीमौतपेहोतीहैक्यूँख़ुशीउसको
बनाहैआदमीक्यासिर्फ़बे-हिसीकेलिए
नहींपसंदउसेजबतेरीग़ज़ल'मीना'
तोउजलतेहीतुझेक्यूँहैशा'इरीकेलिए
  - Meena Bhatt
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