gham muhabbat men mile aur be-khu | ग़म मुहब्बत में मिले और बे-ख़ुदी महँगी पड़ी

  - Meena Bhatt
ग़ममुहब्बतमेंमिलेऔरबे-ख़ुदीमहँगीपड़ी
क़ैसलैलासीहमेंदीवानगीमहँगीपड़ी
हमकोतोवक़्ततेरीबेरुख़ीमहँगीपड़ी
बेबसीहर-सूदिखीयूँँतीरगीमहँगीपड़ी
बे-अदबइसदौरमेंयेज़ीस्तभीआसाँथी
दाँवकुछआतेनहींथेसादगीमहँगीपड़ी
इम्तिहाँहमरोज़देतेथेमुहब्बतमेंमगर
लोगोंनेजबतोड़ादिलकोआशिक़ीमहँगीपड़ी
रोज़हीइंसानियतकाक़त्लहोताहैयहाँ
अमीर-ए-शहरतेरीदोस्तीमहँगीपड़ी
कुछनहींहासिलहुआरूठाज़मानाहैअलग
झूठकीहमकोयहाँपरपैरवीमहँगीपड़ी
करपाईयेकभीआबादतोक़ल्ब-ओ-जिगर
हमको'मीना'रोज़कीयेशा'इरीमहँगीपड़ी
  - Meena Bhatt
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy