अकेलादिनहैकोईऔरनतन्हारातहोतीहै
मैंजिसपलसेगुज़रताहूँमोहब्बतसाथहोतीहै
तिरीआवाज़कोइसशहरकीलहरेंतरसतीहैं
ग़लतनंबरमिलाताहूँतोपहरोंबातहोतीहै
सरोंपरख़ौफ़-ए-रुस्वाईकीचादरतानलेतेहो
तुम्हारेवास्तेरंगोंकीजबबरसातहोतीहै
कहींचिड़ियाँचहकतीहैंकहींकलियाँचटकतीहैं
मगरमेरेमकाँसेआसमाँतकरातहोतीहै
किसेआबादसमझूँकिसकाशहर-आशोबलिखूँमैं
जहाँशहरोंकीयकसाँसूरत-ए-हालातहोतीहै