tumhaare hijr men yaadon ka lashkar kaun likkhega | तुम्हारे हिज्र में यादों का लश्कर कौन लिक्खेगा

  - Meena Bhatt
तुम्हारेहिज्रमेंयादोंकालश्करकौनलिक्खेगा
हमारीआँखोंमेंठहरासमुंदरकौनलिक्खेगा
हैतहज़ीबतुझ
मेंऔरहैबू-ए-अदबतुझ
में
मिलेगाख़ाकमेंजबतूतवंगरकौनलिक्खेगा
हैंसबकेहाथमेंख़ंजरसभीक़ातिलहैंरिश्तोंके
उठीगरबुग़्ज़कीदीवारतोघरकौनलिक्खेगा
पशेमाँज़िन्दगीख़ुदहैहुनरआयाजीनेका
हमारेबादअश्कोंकायेमंज़रकौनलिक्खेगा
तूनेजंगहीजीतीतेरेपासहैदौलत
बतातुझकोमुक़द्दरकासिकंदरकौनलिक्खेगा
हुआरबकाकरमहमपरमिलेहैंख़ूबहमदोनों
अदाओंकोअदाएँअबसितमगरकौनलिक्खेगा
रवानीहैशे'रोंमें'मीना'बह्रमेंग़ज़लें
सर-ए-महफ़िलमुझेयूँँहीसुख़न-वरकौनलिक्खेगा
  - Meena Bhatt
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