takraar hi takraar hai maaloom nahin kyuuñ | तकरार ही तकरार है मालूम नहीं क्यूँ

  - Meena Bhatt
तकरारहीतकरारहैमालूमनहींक्यूँ
इसरारइक़रारहैमालूमनहींक्यूँ
एहसासनहींप्यारकारिश्तोंकीक़ीमत
बरहमदर-ओ-दीवारहैमालूमनहींक्यूँ
तहज़ीबसभीभूलेहैंझगड़ेमेंअनाके
कोईवफ़ादारहैमालूमनहींक्यूँ
ग़फ़लतमेंक़लमलफ़्ज़ोंपेआफ़तसीपड़ीहै
गूँगाहुआअख़बारहैमालूमनहींक्यूँ
चालेंहैंसियासतमेंसियासतमेंअदावत
जनतासमझदारहैमालूमनहींक्यूँ
सच्चेकीहिमायतमेंयहाँकौनखड़ाहै
झूठेकीहीजयकारहैमालूमनहींक्यूँ
कानूनरखेज़ेबमेंफिरतेहैंयहाँसब
हरशख़्सख़तागारहैमालूमनहींक्यूँ
ढलतेनहींग़ज़लोंमेंयेअश'आरमेरेअब
दमदारफ़नकारहैमालूमनहींक्यूँ
  - Meena Bhatt
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