वोअपनाग़मनछिपातेतोऔरक्याकरते
नज़रनअपनीझुकातेतोऔरक्याकरते
अज़लसेदुश्मनीपालेथेयारहमसेेवो
हमारादिलनजलातेतोऔरक्याकरते
रवानीचाहतीहैज़िंदगीहमारीभी
क़दमअगरनबढ़ातेतोऔरक्याकरते
क़ज़ाजोआईथीअपनेतोसाथलेनेको
नहाथउससेेमिलातेतोऔरक्याकरते
भड़करहीथीजोआतिशयहाँपेनफ़रतकी
अगरनउसकोबुझातेतोऔरक्याकरते
हुएथेख़्वाबहमारेसभीमुकम्मलयूँँ
हिनाकोगरनरचातेतोऔरक्याकरते
ज़मीरबेचनाआतानथातोइसदिलको
किख़ालीहाथनआतेतोऔरक्याकरते
नएक़लमसेलिखीथीनईग़ज़ल'मीना'
सुनानेउनकोनजातेतोऔरक्याकरते