harik gali se harik rahguzar se guzre hain | हरइक गली से हरइक रहगुज़र से गुज़रे हैं

  - Meena Bhatt
हरइकगलीसेहरइकरहगुज़रसेगुज़रेहैं
तुम्हारेइश्क़मेंहमहरडगरसेगुज़रेहैं
तेरीगलीसेहुआराहत-ओ-सुकूँहासिल
निजात-ए-दर्दमिलीजबइधरसेगुज़रेहैं
नज़रबचाकेगुजरनेकीछोड़दोआदत
येलम्हेबारहामेरीनज़रसेगुज़रेहैं
शरफ़मिलाकभीदीदकामुझेलेकिन
हज़ारबारतेरेबामदरसेगुज़रेहैं
तुझेवक़ारमिलाऔरहमेंमिलीराहत
ग़ज़लतेरेलिएज़ेरज़बरसेगुज़रेहैं
शजरकीचाहमेंसाँसेंभीथमगईंजिनकी
वोकुछपरिंदेभीअपनीनज़रसेगुज़रेहैं
तलाश-ए-यारमेंभटकेकहाँकहाँमीना
तुम्हारेवास्तेशम्सक़मरसेगुज़रेहैं
  - Meena Bhatt
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