har lamha beg | हर लम्हा बेगाना है

  - Madho Kaushik
हरलम्हाबेगानाहै
परकसनेपहचानाहै
जिसेमौतसबकहतेहैं
धड़कनकारुकजानाहै
मैंक्यामेरामैंभीक्या
केवलआब-ओ-दानाहै
दुनियासबकुछसमझआई
बसख़ुदकोसमझानाहै
झूटीतारीख़ेंमतदेख
झूटाआनाजानाहै
मैंतुझसेमायूसनहीं
तूमेराअफ़्सानाहै
जीवनकीसच्चाईक्या
हरपलधोकाखानाहै
इसमहफ़िलसेक्यारिश्ता
रोनाहैनागानाहै
  - Madho Kaushik
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