jeena agar zaroorat hai | जीना अगर ज़रूरत है

  - Madho Kaushik
जीनाअगरज़रूरतहै
मरनातल्ख़हक़ीक़तहै
सारेसपनेबाग़ीहै
अपनीअपनीक़िस्मतहै
कितनीग़ज़लेंकहताहूँ
सबज़ख़्मोंकीशिद्दतहै
इतनीउसकीतन्हाई
जितनीजिसमेंहिम्मतहै
ख़ुदसेमिलनेभीआए
किसकोइतनीफ़ुर्सतहै
तन्हाईमेंमेरेसाथ
दीवारेंहैंयाछतहै
शोरमचाताफिरताहै
येदरियाकीफ़ितरतहै
प्यारभरेइसरिश्तेकी
शेषनिशानीइकख़तहै
  - Madho Kaushik
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