chupke se dimaagh men dar aa.e | चुपके से दिमाग़ में दर आए

  - Kalidas Gupta Raza
चुपकेसेदिमाग़मेंदरआए
यादोंकेसफ़ीरबिनबुलाए
कबतकदुखकाधुआँधुआँसा
कबतकग़मकेमुहीबसाए
बहरूपियोरूपकीदुहाई
तस्कीन-ए-नज़रकोकोईआए
बैठेहैंक़दमक़दमपेनक़्क़ाद
ताईदकीमिशअलेंजलाए
दामान-ए-ख़िरदनेयेहवादी
जितनेथेचराग़सबबुझाए
आँखोंसेनिकलगयाअँधेरा
तारेसेपलकपेजगमगाए
गुलशनगुलशनखँगालडाला
ख़ुश्बूख़ुश्बूपुकारआए
इसकोह-ए-ख़िरदकोमैंकरूँँक्या
दीवानेसेकबउठायाजाए
हूँबू-ए-गुलख़िज़ाँ-गज़ीदा
कोईजिसेढूँडेभीपाए
पत-झड़कोरहनुमाबनाकर
कलियोंनेअजीबगुलखिलाए
दरबार-ए-सुख़न-वराँमेंतन्हा
बैठाहैरज़ाभीसरझुकाए
  - Kalidas Gupta Raza
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