hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nomaan Shauque
kuchh na tha mere paas khone ko
kuchh na tha mere paas khone ko | कुछ न था मेरे पास खोने को
- Nomaan Shauque
कुछ
न
था
मेरे
पास
खोने
को
तुम
मिले
हो
तो
डर
गया
हूँ
मैं
- Nomaan Shauque
Download Sher Image
नई
सुब्ह
पर
नज़र
है
मगर
आह
ये
भी
डर
है
ये
सहर
भी
रफ़्ता
रफ़्ता
कहीं
शाम
तक
न
पहुँचे
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
30 Likes
उसे
ज़ियादा
ज़रूरत
थी
घर
बसाने
की
वो
आ
के
मेरे
दर-ओ-बाम
ले
गया
मुझ
से
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
31 Likes
शहर
गुम-सुम
रास्ते
सुनसान
घर
ख़ामोश
हैं
क्या
बला
उतरी
है
क्यूँँ
दीवार-ओ-दर
ख़ामोश
हैं
Azhar Naqvi
Send
Download Image
23 Likes
यूँँ
देखिए
तो
आँधी
में
बस
इक
शजर
गया
लेकिन
न
जाने
कितने
परिंदों
का
घर
गया
जैसे
ग़लत
पते
पे
चला
आए
कोई
शख़्स
सुख
ऐसे
मेरे
दर
पे
रुका
और
गुज़र
गया
Read Full
Rajesh Reddy
Send
Download Image
45 Likes
रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
305 Likes
मैं
कैसे
मान
लूँ
कि
इश्क़
बस
इक
बार
होता
है
तुझे
जितनी
दफ़ा
देखूँ
मुझे
हर
बार
होता
है
तुझे
पाने
की
हसरत
और
डर
ना-कामियाबी
का
इन्हीं
दो
तीन
बातों
से
ये
दिल
दो
चार
होता
है
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
46 Likes
हुस्न
ने
शौक़
के
हंगा
में
तो
देखे
थे
बहुत
इश्क़
के
दावा-ए-तक़दीस
से
डर
जाना
था
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
26 Likes
गर
बाज़ी
इश्क़
की
बाज़ी
है,
जो
चाहो
लगा
दो
डर
कैसा
गर
जीत
गए
तो
क्या
कहना,
हारे
भी
तो
बाज़ी
मात
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
63 Likes
जैसे
ग़लत
पते
पे
चला
आए
कोई
शख़्स
सुख
ऐसे
मेरे
दर
पे
रुका
और
गुज़र
गया
Rajesh Reddy
Send
Download Image
42 Likes
तो
क्या
उसको
मैं
होंठों
से
बजाऊँ
तिरे
दर
पे
जो
घंटी
लग
गई
है
चराग़
उसने
मिरे
लौटा
दिए
हैं
अब
उसके
घर
में
बिजली
लग
गई
है
Read Full
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
45 Likes
Read More
आप
की
सादा-दिली
से
तंग
आ
जाता
हूँ
मैं
मेरे
दिल
में
रह
चुके
हैं
इस
क़दर
हुश्यार
लोग
Nomaan Shauque
Send
Download Image
28 Likes
चारों
ओर
हज़ारों
रावण
हर
रावण
के
सर
हैं
दस
लेकिन
याद
रहे
सब
कुछ
दो
चार
दिनों
का
खेल
है
बस
Nomaan Shauque
Send
Download Image
45 Likes
वो
मेरे
लम्स
से
महताब
बन
चुका
होता
मगर
मिला
भी
तो
जुगनू
पकड़ने
वालों
को
Nomaan Shauque
Send
Download Image
28 Likes
एक
दिन
दोनों
ने
अपनी
हार
मानी
एक
साथ
एक
दिन
जिस
से
झगड़ते
थे
उसी
के
हो
गए
Nomaan Shauque
Send
Download Image
29 Likes
हमारे
ख़ौफ़
से
बाज़ार
उछलते
हैं
जहाँ
भर
में
सिसकने
से
हमारे
कौन
सी
सरकार
गिरती
है
Nomaan Shauque
Send
Download Image
17 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Ilm Shayari
Raqeeb Shayari
Nafrat Shayari
Good morning Shayari
Judai Shayari