शहरगुम-सुमरास्तेसुनसानघरख़ामोशहैं
क्याबलाउतरीहैक्यूँँदीवार-ओ-दरख़ामोशहैं
वोखुलेंतोहमसेराज़-ए-दश्त-ए-वहशतकुछखुले
लौटकरकुछलोगआएहैंमगरख़ामोशहैं
होगयाग़र्क़ाबसूरजऔरफिरअबउसकेबा'द
साहिलोंपररेतउड़तीहैभँवरख़ामोशहैं
मंज़िलोंकेख़्वाबदेकरहमयहाँलाएगए
अबयहाँतकआगएतोराहबरख़ामोशहैं
दुखसफ़रकाहैकिअपनोंसेबिछड़जानेकाग़म
क्यासबबहैवक़्त-ए-रुख़्सतहम-सफ़रख़ामोशहैं
कलशजरकीगुफ़्तुगूसुनतेथेऔरहैरतमेंथे
अबपरिंदेबोलतेहैंऔरशजरख़ामोशहैं
जबसे'अज़हर'ख़ाल-ओ-ख़दकीबातलोगोंमेंचली
आइनेचुप-चापहैंआईना-गरख़ामोशहैं