bahaar aayi gulon ko hañsi nahin aayi | बहार आई गुलों को हँसी नहीं आई

  - Kalidas Gupta Raza
बहारआईगुलोंकोहँसीनहींआई
कहींसेबूतिरीगुफ़्तारकीनहींआई
कुछऔरवजहहैकमहोगईहैलज़्ज़त-ए-जाम
हमारीप्यासमेंकोईकमीनहींआई
येकाएनातसबआग़ोश-ए-नीम-शबमेंहै
ज़मानाहोगयाआवाज़हीनहींआई
दिलइकदरख़्त-ए-ज़मीं-बोसबादबाराँसे
रुतेंगुज़रगईंकोंपलनईनहींआई
जानेकैसीघड़ीसेगुज़ररहेथेहम
किजागतेरहेनींदभीनहींआई
  - Kalidas Gupta Raza
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