nigaah-o-dil ko jalane ka hausla to karo | निगाह-ओ-दिल को जलाने का हौसला तो करो

  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
निगाह-ओ-दिलकोजलानेकाहौसलातोकरो
उठाकेपर्देहक़ीक़तकासामनातोकरो
बिसात-ए-रक़्सपेनग़्मोंसेखेलनेवालो
किसीग़रीबकीफ़रियादभीसुनातोकरो
किसीकेऐबतुम्हेंफिरनज़रआएँगे
ख़ुदअपनेआपकोतफ़्सीलसेपढ़ातोकरो
वोज़िंदगीकेलिएहोकिहोअजलकेलिए
हमारेहक़मेंकभीतुमकोईदु'आतोकरो
दिखाईदेंगेहमेंहमतुम्हारेचेहरेमें
नज़रकेसामनेइकबारआइनातोकरो
मजाज़ख़ुदहीहक़ीक़तकारूपढालेगा
येशर्तहैकिहक़-ए-बंदगीअदातोकरो
हमारीआँखमेंसूरजकोढूँडनेवालो
तुमअपनेदिलकोउजालोंसेआश्नातोकरो
मैंकाएनातकीहरशयकोछोड़सकताहूँ
तुमअपनेदर्द-ए-मोहब्बतसेआश्नातोकरो
बहुततवीलसहीशबतुम्हारीज़ुल्फ़ोंकी
'सहर'कोइनकेउजालोंसेआश्नातोकरो
  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy