lab-o-nazar ko tire pyaar ki hañsi na mili | लब-ओ-नज़र को तिरे प्यार की हँसी न मिली

  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
लब-ओ-नज़रकोतिरेप्यारकीहँसीमिली
करेजोदिलमेंउजालावोरौशनीमिली
हज़ारबारचमनसेबहारगुज़रीहै
येऔरबातहैफूलोंकोताज़गीमिली
येकैसीरातहैकिसशहरकेयेरस्तेहैं
जिगरकाख़ूनजलाभीतोरौशनीमिली
वहाँतोकटगईंऐश-ओ-निशातमें'उम्रें
यहाँतोएकमसर्रतकीसाँसभीमिली
हरएकफूलमेंपायातिराहीरंग-ओ-जमाल
कोईभीशक्लगुलिस्ताँमेंअजनबीमिली
तुम्हारेरूपकीयेचाँदनीभीक्याकमहै
नहींयेफ़िक्रमुझेरौशनीमिलीमिली
हरएकराहनेदूरीबढ़ाईमंज़िलकी
दिखाएराहजोमंज़िलकीवोकलीमिली
हमारेपाँवकीज़ंजीरतोबनीकड़ियाँ
दिलोंकोजोड़देऐसीकोईकड़ीमिली
तमामउम्रतरसतीरहीनिगाह-ए-'सहर'
उजालेदिनकेमिलेशबकीचाँदनीमिली
  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
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