vaqt apna ho to toofan-o-balaa kuchh bhi nahin | वक़्त अपना हो तो तूफ़ान-ओ-बला कुछ भी नहीं

  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
वक़्तअपनाहोतोतूफ़ान-ओ-बलाकुछभीनहीं
बर्क़गिरनेकोगिरीऔरहुआकुछभीनहीं
मैंनेइकउम्रगुज़ारीहैतिरीफ़ुर्क़तमें
क्यामुक़द्दरमेंमिरेइसकेसिवाकुछभीनहीं
सिर्फ़हाथोंकोउठानेकानतीजाक्याहै
होसलीक़ादु'आकातोदु'आकुछभीनहीं
जानेभरजातेहैंकिसतरहगुलोंसेदामन
मेरेदामनमेंतोकाँटोंकेसिवाकुछभीनहीं
बातज़ख़्मोंकीकहोकर्बकीतशरीहकरो
अबमोहब्बतकेफ़सानेमेंरहाकुछभीनहीं
दर्द-ओ-ग़मआह-ओ-फ़ुग़ाँसोज़-ए-निहाँअश्करवाँ
दोस्तोइसकेसिवामेरापताकुछभीनहीं
चंदसिक्कोंकेलिएशौक़सेबिकजातेहैं
आजकेदौरमेंइंसाँकीअनाकुछभीनहीं
रौशनीजितनीथीसबलूटलीअँधियारोंने
अबउजालोंमें'सहर'औरबचाकुछभीनहीं
  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
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