un ko ehsaas-e-gham nahin hota | उन को एहसास-ए-ग़म नहीं होता

  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
उनकोएहसास-ए-ग़मनहींहोता
क्यूँयेएहसासकमनहींहोता
वक़्तलिखताहैसबकीतक़दीरें
हाथमेंगोक़लमनहींहोता
मैंहूँउनवानउसफ़सानेका
जोकिसर्फ़-ए-क़लमनहींहोता
फ़ाएदाक्याहैऐसेरोनेसे
उनकादामनजोनमनहींहोता
तुममिरेसाथसाथचलतेहो
क्यूँयेएहसासकमनहींहोता
सबपेरहमततिरीबरसतीहै
एकहमपरकरमनहींहोता
मुस्कुरानाभीफ़नहैदुनियामें
किसकीदुनियामेंग़मनहींहोता
सरझुकातेनहींहैंहमजिसजा
तेरानक़्श-ए-क़दमनहींहोता
एकवोदिलकिटूटजातेहैं
एकयेसरकिख़मनहींहोता
उनकेग़मसेजोदोस्तीहै'सहर'
अबकिसीग़मकाग़मनहींहोता
  - Jagjeewan Lal Asthana sahar
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